राजगिरा की स्वादिष्ट पूरी

अगर आपने व्रत किया है तो ऐसे बनाइए राजगिरा की स्वादिष्ट पूरी, खाने के बाद भी आपका मन नहीं भरेगा

व्रत में कुछ भी खाने के बहुत कम ऑप्शन होते हैं, क्योंकि व्रत में पूरे दिन का उपवास रखकर कुछ भी खा लेने से व्रत खंडित माना जाता है। इसलिए बहुत कम चीजें ऐसी होती है जो व्रत के दिन खाई जा सकती है। आज आपके लिए एक ऐसी रेसिपी लेकर आए हैं जिसको आप व्रत में बनाकर खा सकते हैं। इस रेसिपी का नाम है राजगिरा के आटे की पूरी।

राजगिरा की पूरी को आप व्रत में खा सकते हैं। इससे आपका व्रत खंडित नहीं होगा और यह पूरी खाने में बहुत स्वादिष्ट लगती है। राजगिरि को फलाहारी सागर में भी शामिल किया जाता है। पूरी को आप आलू की सब्जी या व्रत वाली किसी भी सब्जी के साथ खा सकते हो। आइए जानते हैं राजगिरा के आटे की पूरी किस तरह से बनती है…

राजगिरा की पूरी बनाने की सामग्री

राजगिरि का आटा2 कप
आलू2 बड़े आकार के
सेंधा नमकस्वादानुसार
जीरा पाउडर½ चम्मच
तेलतलने के लिए

राजगिरा के आटे की पूरी बनाने की विधि

अगर आप भी राजगिरा के आटे की पूरी बनाने के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं तो नीचे दिए गए सभी स्टेप को ध्यानपूर्वक पढ़िए। क्योंकि हमने इसकी पूरी विधि अच्छे से बताने की कोशिश की है तो चलिए अब हम इसके बारे में जानते हैं :-

स्टेप 1. सबसे पहले आपको राजगिरा के आटे को एक बर्तन में डालना होगा। उसमें आपको दो उबले हुए आलूओं को ग्रेट करके डालना होगा।

स्टेप 2. अच्छे से आटे में आलू को मिलाने के बाद में स्वादानुसार सेंधा नमक, आधा चम्मच जीरा डालकर एक बार फिर से उसे सही ढंग से मिलाना होगा और थोड़ा पानी डाल नॉर्मल आटे की तरह उसको गोंद के अंदर 20 मिनट के लिए रख दे।

स्टेप 3. जब 20 मिनट हो जाए, उसके बाद अपने हाथ में हल्का सा तेल लेकर आटे को वापस दे गूंद ले।

स्टेप 4. अब एक कड़ाही में तेल गरम होने के लिए रख दें। तेल जब गर्म हो जाए, उसके बाद अपने हाथ में थोड़ा सा तेल लगा कर और राजगिरी के आटे के डो को अपने हाथ में लेकर उसको गोल-गोल करना होगा।

स्टेप 5. उसको चकले पर रखकर थोड़ा मोटा साइज का बेल लें और हाथ की मदद से थोड़ा उसको पतला कर दें।

स्टेप 6. कढ़ाई में तेल गरम होने के बाद पूरी को कढ़ाई में डाल दें और कच्ची से अच्छे से दबा कर पूरी को सही ढंग से सेक ले। जैसे ही पूरी थोड़ी ब्राउन कलर की हो जाए तो उसको एक प्लेट में निकाल ले। इस तरह से आप सारी पूड़ियों को बेल कर तल लें।

स्टेप 7. इस तरह से राजगिरा के आटे की पूरियां बनकर तैयार हो जाती है। जिनको आप व्रत करने पर खा सकते हैं। राजगिरी के आटे की पूरी को आप हरे धनिए की चटनी के साथ क्या फिर व्रत वाले आलू की सब्जी के साथ में खा सकते हैं।

 सुझाव – राजगिरा का आटा लगाते समय आलू को अच्छे से मिला लें साथ ही जरूरत पड़ने पर ही पानी का प्रयोग करें। राजगिरा के आटे में आप साबूदाने का आटा भी मिक्स कर सकती हैं।

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